शिकायत बोल

शिकायत बोल
ऐसा कौन होगा जिसे किसी से कभी कोई शिकायत न हो। शिकायत या शिकायतें होना सामान्य और स्वाभाविक बात है जो हमारी दिनचर्या का हिस्सा है। हम कहीं जाएं या कोई काम करें अपनों से या गैरों से कोई न कोई शिकायत हो ही जाती है-छोटी या बड़ी, सहनीय या असहनीय। अपनों से, गैरों से या फ़िर खरीदे गये उत्पादों, कम्पनियों, विभिन्न सार्वजनिक या निजी क्षेत्र की सेवाओं, लोगों के व्यवहार-आदतों, सरकार-प्रशासन से कोई शिकायत हो तो उसे/उन्हें इस मंच शिकायत बोल पर रखिए। शिकायत अवश्य कीजिए, चुप मत बैठिए। आपको किसी भी प्रकार की किसी से कोई शिकायत हो तोर उसे आप औरों के सामने शिकायत बोल में रखिए। इसका कम या अधिक, असर अवश्य पड़ता है। लोगों को जागरूक और सावधान होने में सहायता मिलती है। विभिन्न मामलों में सुधार की आशा भी रहती है। अपनी बात संक्षेप में संयत और सरल बोलचाल की भाषा में हिन्दी यूनीकोड, हिन्दी (कृतिदेव फ़ोन्ट) या रोमन में लिखकर भेजिए। आवश्यक हो तो सम्बधित फ़ोटो, चित्र या दस्तावेज जेपीजी फ़ार्मेट में साथ ही भेजिए।
इस शिकायत बोल मंच के बारे में अपने इष्ट-मित्रों को भी बताएं।
ई-मेल: शिकायत बोल
shikayatbol@gmail.com
फ़ेसबुक पर

शनिवार, 18 अक्तूबर 2014

बिजलीवाले

दिल्ली की जनता को बनाया गया मूर्ख

दिल्ली में बिजली की दरों में सब्सिडी की घोषणा की गयी थी l 0-200 यूनिट पर 4 रुपये की यूनिट पर 1.20 रुपये की सब्सिडी थी, अर्थात 2.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से चुकाना होगा l
201- 400 यूनिट पर 6 रुपये की यूनिट पर 80 पैसे की सब्सिडी थी, अर्थात 5.20 रुपये प्रति यूनिट की दर से चुकाना होगा l
>100 यूनिट हों तो 400 रुपये के स्थान पर 280 रूपये का बिल आना था l
>200 यूनिट हों तो 800 रुपये के स्थान पर 560 रुपये का बिल आना था l
अब देखिये धोखा
यदि आपकी 30 दिन में 201 यूनिट हो गईं तो आपको 200 यूनिट पर सब्सिडी नही मिलेगी l
यानी 200 यूनिट का 4 रूपये ही चार्ज किया जायेगा l अगली 1 यूनिट पर आपको सब्सिडी मिलेगी मात्र 80 पैसे की l अर्थात आपका बिल 201 यूनिट का बिल होगा
200 * 4 = 800
1 * 5.20 = 5.20
--------------------
कुल 805.20
--------------------
आपका बिल यदि 210 यूनिट है तो बिल होगा-
200 * 4 = 800
10 * 5.20 = 52.0
--------------------
कुल 852.00
--------------------
अब दूसरा पहलू देखिए-
मान लीजिये आपका मीटर पिछली रीडिंग से अब तक 197 रीडिंग दिखा रहा है और पिछली रीडिंग से अब तक मात्र 27 दिन हुए हैंl
आप 25 दिन होने पर ही एक सप्ताह के लिए बाहर चले गये l आपके पीछे से कोई व्यक्ति आकर आपके घर के बाहर लगे मीटर पर से आपकी रीडिंग ले जायेगा l
मान लीजिये वो व्यक्ति 27वें दिन में ही आपके मीटर की रीडिंग ले जाये l आपकी रीडिंग हुई हैं 197 तो आपका बिल कैसा होगा, गणना नीचे देखिये l
178 यूनिट 4.00 = 712.00 रुपये
19 यूनिट 6.00 = 113.00 रुपये
----------------------
कुल 825.00 रूपये
----------------------
अब यहाँ जो ये 19 यूनिट हैं, इस पर ही केवल .80 पैसे की सब्सिडी दी जाएगीl 15.20 पैसे कीl
यहाँ बिजली कम्पनी ने 27 दिन के बिल को (0.89) महीना में परिवर्तित कर दियाl और आपको मिलने वाली सब्सिडी यहाँ भी आपसे छीन ले गयेl इस समीकरण में भी आपको सब्सिडी नही मिलेगी l
3 प्रकार के शुल्क और जोड़े जाते हैं-
1. स्थायी शुल्क अर्थात कुल सैंक्शण्ड लोड
>2 किलोवाट पर 45 रुरूपये मासिक + सर्विस टैक्स
>4 किलोवाट पर 90 रुपये मासिक + सर्विस टैक्स
2.(कुल बिजली यूनिट चार्ज + सैंक्शण्ड लोड चार्ज अर्थात स्थायी शुल्क) पर 8% चार्ज
3. (विद्युत शुल्क + विद्युत शुल्क के अधिभार + PPC+TOD) पर 5%
इसके साथ इलेक्ट्रिसिटी शुल्क, सरचार्ज, लोड सरचार्ज अलग से जोड़ा जाता है जो कि प्रति बिल 100 से 200 रुपये बन ही जाता है l
यहाँ स्पष्ट है कि बिजली कम्पनियां किस प्रकार लूट मचा रही हैं और सरकार चाहे किसी की भी हो, वह निजी कम्पनियों को पूरी छूट दे रही हैं लूट मचाने हेतु, निरंकुशता की हद हो गई है l
आगे आप स्वयं देखें और स्वयं जांच करें, अच्छे दिन नहीं आएंगे ? दिल्ली में तो हमारी ही सरकार है, फिर भी ऐसा क्यों ?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.