शिकायत बोल

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ऐसा कौन होगा जिसे किसी से कभी कोई शिकायत न हो। शिकायत या शिकायतें होना सामान्य और स्वाभाविक बात है जो हमारी दिनचर्या का हिस्सा है। हम कहीं जाएं या कोई काम करें अपनों से या गैरों से कोई न कोई शिकायत हो ही जाती है-छोटी या बड़ी, सहनीय या असहनीय। अपनों से, गैरों से या फ़िर खरीदे गये उत्पादों, कम्पनियों, विभिन्न सार्वजनिक या निजी क्षेत्र की सेवाओं, लोगों के व्यवहार-आदतों, सरकार-प्रशासन से कोई शिकायत हो तो उसे/उन्हें इस मंच शिकायत बोल पर रखिए। शिकायत अवश्य कीजिए, चुप मत बैठिए। आपको किसी भी प्रकार की किसी से कोई शिकायत हो तोर उसे आप औरों के सामने शिकायत बोल में रखिए। इसका कम या अधिक, असर अवश्य पड़ता है। लोगों को जागरूक और सावधान होने में सहायता मिलती है। विभिन्न मामलों में सुधार की आशा भी रहती है। अपनी बात संक्षेप में संयत और सरल बोलचाल की भाषा में हिन्दी यूनीकोड, हिन्दी (कृतिदेव फ़ोन्ट) या रोमन में लिखकर भेजिए। आवश्यक हो तो सम्बधित फ़ोटो, चित्र या दस्तावेज जेपीजी फ़ार्मेट में साथ ही भेजिए।
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बुधवार, 8 सितंबर 2010

गैस

गैस एजेंसियों की बदमाशी की खुली पोल
उपभोक्ता कभी भी भरा हुआ गैस सिलेण्डर प्राप्त कर सकता है। इसका अर्थ यह हुआ कि गैस कम्पनियों की ओर से दो बार गैस लेने के बीच दिनों के अंतराल की कोई बाध्यता लागू नहीं है।

हर गैस एजेंसी पर गैस बुक कराने पर बताया जाता है कि अगला सिलेण्डर १८ २१ दिन के अंतराल के बाद ही मिलेगा। वास्तविकता यह है कि किसी गैस कम्पनी ऐसा कोई नियम ही नहीं है। दसियों साल से यही बताया जाता रहा है। १८ और २१ दिन बाद नया भरा गैस सिलेण्डर देने का नियम गैस एजेंसियों ने अपने लाभ के लिए स्वयं बनाया है। गैस कम्पनियों की ओर से उपभोक्तों के लिए ऐसा कोई नियम नहीं बनाया गया है। उपभोक्ता अपनी ज़रूरत के अनुसार कभी भी बुक कराकर गैस ले सकता है। यह जानकारी सूचना के अधिकार के अन्तर्गत इण्डियन ऑयल और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की ओर से दी गयी है।

इण्डियन ऑयल कॉर्पोरेशन के पत्र- पीएसओ/एलपीजी/आरटीआई दिनांक १६ दिसम्बर, २००९ में यह कहा गया है उपभोक्ता कभी भी भरा हुआ गैस सिलेण्डर प्राप्त कर सकता है। इसका अर्थ यह हुआ कि गैस कम्पनियों की ओर से दो बार गैस लेने के बीच दिनों के अंतराल की कोई बाध्यता लागू नहीं है। यही नियम कमर्शियल गैस सिलेण्डरों के लिए भी है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के पत्र- एलपीजी/एसएम/आरटीआई दिनांक १२ दिसम्बर, २००९ में भी यही बात कही गयी है।

सूचना के अधिकार पर काम करने वाले आरके गर्ग ने गैस एजेंसियों की मनमानी की असलियत जानने के लिए आरटीआई के अन्तर्गत प्राप्त की है। आमजन को सजग बनाने के लिए यह जानकारी वेबसाइट (यहां क्लिक करें) www.rtiindia.org पर भी उपलब्ध है।
इण्डियन ऑयल कॉर्पोरेशन का टोल फ़्री नम्बर १८०० २३३३ ५५५ (1800 2333 555)
प्रस्तुति: विशाल

शुद्धता

ग्राहकों का अधिकार
लापरवाही
बरतें, उत्पाद की शुद्धता सुनिश्चित करें

ग्राहकों का अधिकार है कि वह दुकान के बांट माप का प्रमाण पत्र दुकान से मांग सकता है। पेट्रोल, डीजल पम्प से तेल लेते समय तौल में संदेह होने पर ग्राहक इस बात की मांग कर सकता है कि पहले डिब्बे में तेल दिया जाए और उसे वाहन में डाला जाए। पेट्रोल पम्प पर ग्राहकों के लिए पीने का पानी और वाहन के पहियों में मुफ्त हवा भरने की व्यवस्था होनी चाहिए। रसोई गैस सिलेण्डर देने से पहले उसे ग्राहक के सामने स्प्रिंग बैलेंस से तौलना जरूरी है। व्यापारिक, व्यावसायिक तथा कृषि उत्पादों के लेन देन में मानक बांट माप का ही प्रयोग होना चाहिए।

छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यवसाइयों को हर साल अपने बांटों का प्रमाणीकरण कराना चाहिए। अपनी बांट-माप के सत्यापन का प्रमाणपत्र दुकान पर अवश्य रखें। अगर विभाग के लोग मानकों की जांच के लिए नहीं आते तो अपनी बांट के सत्यापन के लिए विभाग तक जाएं और प्रमाणपत्र प्राप्त करें। रसोई गैस (एलपीजी) सिलेण्डर के हॉकर अपने पास स्प्रिंग बैलेंस जरूर रखें और उसकी भी नियमित जांच करवाते रहें। दुकानदार तथा व्यापारी किसी भी सूरत में अपनी बांट-माप का प्रमाण पत्र लेने में लापरवाही न बरतें। घरेलू गैस एलपीजी सिलेण्डर को तौलने के लिए स्प्रिंग बैलेंस में किसी तरह की छेड़छाड़ न करें। मानकों को दरकिनार कर उपयोग किये जा रहे बाट- माप के लिए दुकानदारों को दण्डित किया जा सकता है। मिठाई विक्रेताओं द्वारा मिठाई तथा डिब्बे की तौल एक साथ नहीं करनी चाहिए। पेट्रोल पम्प कर्मी मीटर शून्य करने के बाद ही ग्राहकों को तेल दें। पम्प मालिक उत्पाद की शुद्धता सुनिश्चित करें। दुकानों पर उपलब्ध पैकेट तथा पेय पदार्थ की बोतलों पर वस्तु का अधिकतम विक्रय मूल्य एमआरपी सभी करों सहित अंकित होता है। उससे ज्यादा कीमत पर दुकानदार नहीं बेच सकता। खरीदे गए डिब्बा बन्द पदार्थ के माप पर संदेह होने पर उसकी माप के लिए ग्राहक दबाव बना सकता है। पैकेट पर निर्माण की तिथि, बनाने वाले का नाम तथा उसका पूरा पता साफ लिखा होना चाहिए। अलग से लगे स्टीकर या स्लिप अमान्य है। पेट्रोल पम्प पर ग्राहक डिब्बे में तेल दिये जाने की मांग कर सकता है। पीने के पानी और वाहन के पहियों में हवा भरने की मुफ्त व्यवस्था होनी चाहिए। घटतौली या दुकान के बांट में किसी भी तरह की शंका होने पर ग्राहक बाट माप विभाग के टोल फ्री नम्बर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ग्राहक विभाग के टोल फ्री हेल्प लाइन टेलीफोन नम्बर- 18001805512 पर घटतौली की शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा ग्राहक सीधे कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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